महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा- कोंकण में मानसून टूरिज्म और मुंबई में नाइट टूरिज्म शुरू किया जाएगा

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महाराष्ट्र में कोरोना की वजह से चरमराई अर्थव्यवस्था को अब पर्यटन के जरिए सेहतमंद बनाने की तैयारी चल रही है। राज्य के पर्यटन् मंत्री आदित्य ठाकरे ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में यह बात कही। उन्होंने सूबे में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराध और मुंबई की जहरीली हो रही हवा की वजह से विदेशी पर्यटकों पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी खुलकर अपनी बात रखी।

सवाल: कोरोना महामारी की वजह से महाराष्ट्र की खराब हुई अर्थव्यवस्था को कैसे सुधारेंगे?
जवाब: यूके, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका जैसे देशों को बड़े पैमाने पर रेवेन्यू टूरिज्म सेक्टर से मिलता है। कोरोना महामारी का असर सिर्फ महाराष्ट्र पर नहीं बल्कि पूरे देश और पूरी दुनिया पर पड़ा है। अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के कई तरह के प्रयास चल रहे हैं। जिसमें टूरिज्म के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा देने और रेवेन्यू जेनरेट करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कोई नहीं जानता कि कोविड कब पूरी तरह से खत्म होगा? इसलिए मुश्किलें आ रही हैं।

सवाल: टूरिज्म के माध्यम से क्या नया करने की कोशिश चल रही है?
जवाब: देखिए, सबसे पहले तो 9 अक्टूबर को कोंकण के सिंधुदुर्ग जिले में चिपी एयरपोर्ट का उद्घाटन होने जा रहा है, जो गेम चेंजर साबित होगा। फिर राज्य में अध्यात्म, नेचुरल हेरिटेज, वाइल्ड लाइफ और बीच टूरिज्म को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा। जिससे डोमेस्टिक, इंटरनेशनल और इंटर स्टेट टूरिज्म बढ़ेगा, रेवेन्यू भी जेनरेट होगा। चूंकि टूरिज्म में कोरोना की वजह से सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की क्षमता है, इसलिए मेरा मानना है कि विदेशी टूरिस्टों के लिए एक ग्लोबल पॉलिसी बनाने की जरूरत है।

सवाल: WHO की नई गाइडलाइन से 8 गुना अधिक पीएम 2.5 मुंबई की हवा में है। कोई टूरिस्ट इतनी जहरीली हवा में यहां क्यों आएगा?
जवाब: ऐसा नहीं है कि सिर्फ मुंबई की हवा में पीएम 2.5 का प्रमाण अधिक है। दूसरे शहरों और देशों में भी पीएम 2.5 अधिक है। महाराष्ट्र सरकार इसी वजह से धीरे-धीरे पब्लिक ट्रांसपोर्ट में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है। बेस्ट परिवहन के बेड़े में 386 बसें इलेक्ट्रिक हो गई हैं। 19 अन्य बसों का टेंडर प्रोसेस चल रहा है जबकि 200 डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसें जल्द आने वाली हैं। थर्मल पॉवर एनर्जी को रिन्यूएबल एनर्जी में तब्दील करने पर भी विचार चल रहा है।

सवाल: कोंकण में मानसून टूरिज्म और मुंबई में नाइट टूरिज्म की योजना थी, क्या वह ठंडे बस्ते में चली गई?
जवाब: फिलहाल सरकार का पूरा फोकस हेल्थ और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाना है, लेकिन यह भी सच है कि कोंकण में मानसून टूरिज्म शुरू करने की योजना है क्योंकि कोंकण के रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधु दुर्ग की खूबसूरती मानसून में अद्भुत होती है। चूंकि वहां चिपी एयरपोर्ट अब शुरू हो रहा है तो वहां पीपीपी मॉडल पर एक सेवन स्टार होटल खोलने का प्रोसेस चालू हो गया है।

मुंबई में नाइट टूरिज्म पर फिर से अमल अब तो कोविड कंट्रोल होने और खत्म होने के बाद ही होगा। यदि लंदन का उदाहरण लिया जाए तो वहां नाइट टूरिज्म की वजह से उनका रेवेन्यू कई बिलियन पाउंड बढ़ गया है। मुंबई में यह शुरू करने पर रोजगार 3 गुना बढ़ेगा। सरकार की कोशिश है कि जो भी ट्रैवलर मुंबई में आए, वह कम से कम 5-6 दिन महाराष्ट्र में जरूर गुजारे।

‌सवाल: मुंबई में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उनके खिलाफ अपराध बढ़ रहा है। ऐसे में टूरिस्ट विशेषकर महिलाएं मुंबई या महाराष्ट्र क्यों आएंगी?
जवाब: विदेशी टूरिस्टों के लिए महाराष्ट्र की पॉलिसी पूरी तरह से साफ है। भारत सरकार ने कोविड की जिन वैक्सीनों को मंजूरी दी है, उनके दोनों डोज लेने वाले टूरिस्ट मुंबई आ सकते हैं। राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी बेहद गंभीर है। यदि एनसीआरबी की रिपोर्ट देखें तो मुंबई में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं 30 प्रतिशत तक कम हुई हैं।

सवाल: मध्य प्रदेश, यूपी और अन्य राज्यों के मुकाबले महाराष्ट्र की टूरिज्म के मामले में क्या स्थिति है?
जवाब: महाराष्ट्र के प्रत्येक जिले में किसी न किसी प्रकार के टूरिज्म को बढ़ावा देने की क्षमता है। यहां रेगिस्तान छोड़कर टूरिज्म के लिहाज से सब कुछ है। कोंकण का पहाड़ी इलाका हो या फिर समुद्र तट दोनों ही टूरिस्ट को आकर्षित करते हैं। इसी वजह से अब हमने पुरानी पॉलिसी का रिव्यू कर उसमें रिफॉर्म करना शुरू किया है। कुछ योजनाओं के लिए केंद्र सरकार के साथ बातचीत चल रही है। पड़ोसी राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र की स्थिति अच्छी है क्योंकि मुंबई इंटरनेशनल सिटी है।

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