विहिप की शीर्ष बैठक में होगा सैकड़ों संत और नेताओं का जमावड़ा

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नई दिल्ली । देश में चल रही लाउडस्पीकर, श्रीकृष्ण जन्मस्थान और ज्ञानवापी मस्जिद विवाद की सियासत के बीच विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक होने जा रही है। मार्गदर्शक मंडल की बैठक 11-12 जून को हरिद्वार में होगी। बैठक में विहिप पदाधिकारी और साधु संत शामिल होंगे। बैठक में काशी विश्वनाथ ज्ञानवापी विवाद, श्रीकृष्ण जन्मस्थान ईदगाह विवाद, लाउडस्पीकर विवाद, जनसंख्या नियंत्रण कानून और यूनिफॉर्म सिविल कोड जैसे मुद्दों पर रणनीति बनाई जाएगी। अगले महीने उत्तराखंड के हरिद्वार में होने जा रही इस बैठक में देश भर के महत्वपूर्ण पदाधिकारियों समेत 300 से ज्यादा साधु संत हिस्सा लेंगे। अगले एक साल में देश भर में वीएचपी कैसे और कितने कार्यक्रम करेगी, यह रूपरेखा इस बैठक में तय की जाएगी। मार्गदर्शक मंडल की बैठक में परिषद के देश भर के सभी वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे। हरिद्वार में अभी से इस बैठक की तैयारी शुरू हो गई है।मार्गदर्शक मंडल के संयोजक अशोक तिवारी ने बताया कि विहिप के तमाम बड़े पदाधिकारी अगले एक साल के एजेंडा पर चर्चा करेंगे। राम मंदिर निर्माण के शुरू हो जाने के बाद अब विहिप के इस बैठक को आगे की रणनीति के लिहाज़ से अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक आरएसएस की ये संस्था अब काशी और मथुरा को एजेंडे में शामिल कर सकती है।

कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ को मुक्त कराने के लिए मार्गदर्शक मंडल की बैठक में अंतिम और अहम फैसला होना संभव है। परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय शंकर तिवारी ने बताया कि मंदिर का मुद्दा कोर इशू है और ये एजेंडे में है। इन दोनों स्थानों को लेकर मंथन होगा। हरिद्वार की बैठक में मथुरा और काशी के अलावा लव जिहाद, मस्जिद में लाउडस्पीकर के मुद्दे समेत बड़े ऐतिहासिक मंदिरों से जुड़े मुद्दे उठेंगे और वीएचपी आगे बढ़ने की रणनीति तय करेगी। इसके अलावा इस बैठक को 2024 की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। लिहाज़ा यूनिफॉर्म सिविल कोड और जनसंख्या नियंत्रण कानून जल्द से जल्द बनाने के लिए भी देशव्यापी आंदोलन और रणनीति इस बैठक में तय की जाएगी। बैठक में अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण में प्रगति की समीक्षा भी होगी।

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