

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सली मोर्चे पर सुरक्षा बल के जवानों को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. केरलापाल इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी और सीआरपीएफ की टीम एंटी नक्सल ऑपरेशन के लिए निकली थी. मुठभेड़ में जवानों ने 17 नक्सलियों को मार गिराया गया. इसके साथ ही इलाके की सर्चिंग के बाद जवानों ने AK 47, SLR, इंसास राइफल, रॉकेट लांचर, बीजीएल लांचर हथियार के साथ-साथ विस्फोटक भी बरामद किया. सुकमा में हुई नक्सली एनकाउंटर की सबसे बड़ी बात यह है कि 4 साल में पहली बार नक्सलियों के इस गढ़ में जवानों ने यह एनकाउंटर किया है. कोर इलाके में पहली बार इतनी बड़ी तादाद में नक्सली मारे गए हैं.
नक्सल मुठभेड़ पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘नक्सलवाद के नासूर को खत्म करने की दिशा में छत्तीसगढ़ के बढ़ते कदम. सुकमा जिले के केरलापाल थाना क्षेत्र के उपमपल्ली में सुरक्षाबलों की नक्सलियों के साथ आज जारी मुठभेड़ में अब तक 16 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. मुठभेड़ में डीआरजी के 2 जवान के घायल होने की खबर है. ईश्वर से शीघ्रातिशीघ्र उनके स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. मानवता विरोधी नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में सुरक्षाबल के जवान नक्सलियों की मांद में घुसकर उसको जड़ से खत्म करने का काम कर रहे हैं. निश्चित ही जवानों को मिली यह कामयाबी सराहनीय है, उनकी बहादुरी को नमन करता हूं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप हमारा छत्तीसगढ़ 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
सुकमा मुठभेड़ में मोस्ट वांटेड नक्सली SZC सदस्य जगदीश के मारे जाने की खबर भी सामने आ रही है. सरकार ने जगदीश पर 25 लाख का इनाम रखा था. वो दरभा डिवीजन का इंचार्ज था. इतना ही नहीं वो झीरम हत्या कांड में भी शामिल था. फिलहाल सुकमा में हुए मुठभेड़ के बाद जवानों ने मारे गए नक्सलियों की बॉडी को रिकवर कर लिया है. DIG कमलोचन कश्यप और सुकमा एसपी ने ऑपरेशन में शामिल जवानों को बधाई भी दी है. उन्होंने कहा कि जगदीश का नाम सुन-सुन कर कान पक गए थे. आज जवानों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. DIG कमलोचन ने ऑपरेशन से लौटे जवानों को मिठाई भी खिलाया.
गृहमंत्री विजय शर्मा का बड़ा बयान
सुकमा मुठभेड़ पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जवानों की भुजाओ की ताकत पर बड़ी सफलता मिली है. 85 दिन में 133 नक्सली मारे गए. 2700 से 2800 में नक्सली सरेंडर किए है. सरकार की अपील है जो भी इस काम में है, आत्मसमर्पण करें. लाइफ सेटल करने तक सरकार उनके साथ है. मार्च 2026 तक नक्सलवाद भी खत्म होगा. पुराने जगहों से अलग है यह एनकाउंटर की जगह. पूर्ववरती, पामेड से हम आगे बढ़ रहे हैं. आगे बढ़ कर अबुझमाड ,अभ्यारण की ओर आगे बढ़ रहे है. बंदूक लेकर जंगल में घूमने का अर्थ क्या है.