भारतीय वायुसेना का सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले लड़ाकू विमान MiG-21 आखिरकार रिटायर हो रहा है. 62 वर्षों की सर्विस के बाद यह सोवियत-युग का विमान अपनी उड़ान पूरी कर चुका है. इसकी जगह अब स्वदेशी रूप से विकसित हल्का लड़ाकू विमान (LCA) ‘तेजस’ लेगा. ‘तेजस’ तकनीकी रूप से कहीं अधिक उन्नत और भविष्य के लिए तैयार है.
डिजिटल फ्लाई-बाय-वायर सिस्टम: इससे विमान को बेहद सटीक नियंत्रण मिलता है और यह इलेक्ट्रॉनिक तौर पर उड़ान संचालित करता है.
मल्टी-रोल हथियार क्षमता: तेजस Mk1A के पास 9 हार्डपॉइंट होंगे, जिन पर BVR मिसाइलें, एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड मिसाइलें तथा बम लगाए जा सकते हैं.
तेजस बनाम MiG-21



