अविनाश कुमार सिंह, जो बिहार के धाका विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके हैं. उन्होंने मार्च 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दिया. चुनाव हारने के बावजूद उन्होंने पटना के टेलर रोड स्थित सरकारी बंगला मई 2016 तक कब्जे में बनाए रखा. सरकार ने जब उनसे 21 लाख रुपये का अतिरिक्त किराया मांगा, तो सिंह सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए और कहा कि वे 2009 की एक सरकारी अधिसूचना के आधार पर ‘राज्य विधानमंडल अनुसंधान और प्रशिक्षण ब्यूरो’ के सदस्य के रूप में इस बंगले में रह सकते थे.
सरकारी बंगले पर कब्जे को लेकर भड़का सुप्रीम कोर्ट, कहा- जीवन भर नहीं रख सकता कब्जा, 21 लाख का जुर्माना भी लगाया
अविनाश कुमार सिंह, जो बिहार के धाका विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके हैं. उन्होंने मार्च 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दिया. चुनाव हारने के बावजूद उन्होंने पटना के टेलर रोड स्थित सरकारी बंगला मई 2016 तक कब्जे में बनाए रखा. सरकार ने जब उनसे 21 लाख रुपये का अतिरिक्त किराया मांगा, तो सिंह सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए और कहा कि वे 2009 की एक सरकारी अधिसूचना के आधार पर ‘राज्य विधानमंडल अनुसंधान और प्रशिक्षण ब्यूरो’ के सदस्य के रूप में इस बंगले में रह सकते थे.



