क्या है पूरा मामला?
- प्रोजेक्ट्स को 6 महीने में पूरा करना था, लेकिन 3 साल बाद भी अधिकांश काम अधूरा.
800 करोड़ खर्च होने के बावजूद केवल 50% काम पूरा हुआ. - LNJP अस्पताल की लागत 488 करोड़ से बढ़कर 1,135 करोड़ रुपये हो गई, जबकि इसके काम कोई ठोस प्रगति भी नहीं दिखी.
- कई स्थानों पर बिना मंजूरी के निर्माण कार्य शुरू किए गए और ठेकेदारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई.
- हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (HIMS) 2016 से पेंडिंग है, जिसे जानबूझकर टालने का आरोप है.
एसीबी की ओर से दर्ज इस मामले को अब ईडी ने टेकओवर कर लिया है. ईडी की जांच का फोकस अस्पताल निर्माण के दौरान हुए पैसों के हेरफेर और उससे जुड़े राजनीतिक व प्रशासनिक स्तर पर हुई कथित मिलीभगत पर है. इस घोटाले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और मौजूदा मंत्री सौरभ भारद्वाज का नाम सामने आया है. दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर ईडी ने जांच तेज कर दी है.



