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छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष के अवसर पर जिला स्तरीय पशु–पक्षी प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता संपन्न

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गौरेला-पेंड्रा- मरवाही।

छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में जिला स्तरीय पशु–पक्षी प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता 2025 का सफल आयोजन किया गया।

यह दो दिवसीय कार्यक्रम पशुधन विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही के तत्वावधान में ग्राम सेमरा स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल परिसर के पास आयोजित हुआ। यह आयोजन 23 अक्टूबर, गुरुवार से प्रारंभ होकर 24 अक्टूबर, शुक्रवार तक चला।

इस प्रदर्शनी में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए पशुपालकों ने दुधारू गाय-भैंस, बकरियां, सांड, बैल, मुर्गी, बतख और जापानी बटेर जैसी विभिन्न प्रजातियों का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य पशुधन क्षेत्र में नवीन तकनीकों का प्रसार, नस्ल सुधार को बढ़ावा देना और पशुपालकों में जागरूकता बढ़ाना रहा।

समापन दिवस पर आयोजित प्रतियोगिता में विजेता पशुपालकों को पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। साथ ही उत्कृष्ट पशुपालकों को उन्नत नस्ल के बकरे भी वितरित किए गए।

इस अवसर पर उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. वी.के. पटेल एवं वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. संजय शर्मा सहित विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा ने कहा कि,

“पशुपालन के माध्यम से जिले के किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं और उन्हें रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। ऐसी प्रदर्शनी पशुपालकों के लिए सीखने और प्रतिस्पर्धा का उत्कृष्ट मंच प्रदान करती है।”

इस कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा लालजी यादव, सीईओ मुकेश रावटे, निशांत तिवारी, स्वामी कृष्ण प्रपन्नाचार्य, सेमरा सरपंच तूफान सिंह, भदौरा सरपंच हेतराम, बृजलाल राठौर, डॉ. लूसन राठौर, गजरूप, कामता यादव, हुकुमचंद, धीरज राठौर, सविता राठौर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन और पशुधन विकास विभाग द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी न केवल पशुपालकों के लिए ज्ञान और प्रेरणा का केंद्र बनी, बल्कि राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुई।