नई दिल्ली। समाज के वंचित, जरूरतमंद एवं झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के संकल्प के साथ नेशनल मेडिकोस ऑर्गेनाइजेशन (NMO) एवं सेवा विभाग द्वारा 7वीं इंद्रप्रस्थ चिकित्सा सेवा यात्रा का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया।
संगठन द्वारा राजधानी दिल्ली के विभिन्न सेवा बस्तियों एवं वंचित क्षेत्रों में कुल 305 निःशुल्क सामान्य स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया।
इस वर्ष की यात्रा की विशेष थीम “नशा मुक्ति” रही। शिविरों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने हेतु विशेष जागरूकता संवाद भी आयोजित किया गया, जिनमें नशे के दुष्प्रभाव, उससे होने वाली शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक हानियों के बारे में विस्तार से बताया गया।
इस वर्ष की यात्रा के सफल समन्वय में प्रमुख भूमिका निभाने वाले संयोजकों में डॉ. प्रवेश (त्वचा रोग विशेषज्ञ), डॉ. देव (मनोचिकित्सक), नितेश (MBBS विद्यार्थी, BSA Hospital) एवं मुस्कान जी (LHMC) शामिल रहे।
लोगों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा परिवार एवं समाज को सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया।
इन शिविरों में हजारों लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श, आवश्यक दवाइयाँ एवं प्राथमिक जांच सुविधाएँ प्रदान की गईं। शिविरों में विशेष रूप से ब्लड प्रेशर (BP) एवं ब्लड शुगर की स्क्रीनिंग की गई, ताकि लोगों में उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान हो सके। कई स्थानों पर नेत्र परीक्षण (Eye Check-up) की व्यवस्था भी की गई, जिससे आमजन को नेत्र संबंधी समस्याओं के समाधान का लाभ मिला।
इस विशाल सेवा अभियान में कुल 450+ डॉक्टर, 650+ मेडिकल विद्यार्थी, एवं 400+ नर्सिंग एवं सहयोगी स्वास्थ्यकर्मी सक्रिय रूप से जुड़े। सभी के सामूहिक प्रयास से लगभग 23,500+ मरीजों का उपचार एवं परामर्श किया गया। अनेक मरीजों को आगे के इलाज हेतु निकटवर्ती सरकारी अस्पतालों में रेफर भी किया गया।
इंद्रप्रस्थ चिकित्सा सेवा यात्रा केवल एक स्वास्थ्य अभियान नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता, सेवा भावना और उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण है। ऐसे आयोजनों से चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े युवाओं एवं डॉक्टरों में समाज के प्रति अपने दायित्व का बोध होता है और सेवा संस्कार मजबूत होते हैं।
नेशनल मेडिकोस ऑर्गेनाइजेशन (NMO) डॉक्टरों एवं मेडिकल विद्यार्थियों का ऐसा संगठन है, जो चिकित्सा सेवा को केवल पेशा नहीं बल्कि समाजसेवा का माध्यम मानता है। संगठन निरंतर सेवा, जागरूकता एवं राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।



