22 मई 2026 को कौशल विकास केंद्र, कोनी (बिलासपुर) में सीपीआर (CPR – कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। यह कौशल विकास केंद्र अम्बुजा फाउंडेशन एवं एचडीएफसी बैंक परिवर्तन के तत्वावधान में वर्ष 2022 से संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण सत्र में वर्तमान बैच के कुल 72 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थितियों—जैसे कार्डियक अरेस्ट, सांस रुकना या डूबने जैसी घटनाओं—में सीपीआर के महत्व और उपयोगिता के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि जब किसी व्यक्ति का हृदय धड़कना बंद कर देता है, तब सीपीआर मस्तिष्क एवं अन्य महत्वपूर्ण अंगों तक रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह बनाए रखने में सहायता करता है। समय पर और सही तरीके से दिया गया सीपीआर व्यक्ति के जीवित रहने की संभावना को दोगुना या तिगुना तक बढ़ा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को निम्न प्रमुख विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई:
जीवन रक्षक कौशल के रूप में सीपीआर का महत्व
मस्तिष्क को गंभीर क्षति से बचाने में सीपीआर की भूमिका
आपातकालीन स्थिति में घबराहट पर नियंत्रण एवं त्वरित प्रतिक्रिया
सीपीआर कैसे कार्य करता है और इसे सही तरीके से करने की प्रक्रिया
आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक सहायता का महत्व
इस सत्र का उद्देश्य युवाओं को ऐसे व्यावहारिक कौशलों से सशक्त बनाना था, जो आपातकालीन परिस्थितियों में किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में सहायक हो सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता दिखाई तथा सीपीआर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।
कौशल विकास केंद्र द्वारा इस प्रकार के जागरूकता एवं कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है, जिससे युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल के साथ-साथ जीवन उपयोगी जानकारी भी प्राप्त हो सके।



