रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 10 में भाजपा की अंदरूनी कलह अब खुली बगावत में बदलती नजर आ रही है। भाजपा के ही पार्षदों ने अपने जोन अध्यक्ष सचिन मेघानी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग कर दी है। महापौर को सौंपे गए लिखित पत्र ने नगर निगम की राजनीति में बड़ा सियासी विस्फोट कर दिया है।
पत्र में पार्षदों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जोन अध्यक्ष लगातार दूसरे वार्डों के कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं और उनकी कार्यशैली के कारण पार्षदों के बीच समन्वय पूरी तरह खत्म हो चुका है। पार्षदों ने साफ शब्दों में कहा कि अध्यक्ष की “मनमानी और दखलअंदाजी” से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है।
सबसे बड़ी बात यह है कि जोन 10 के लगभग सभी भाजपा पार्षद एकजुट होकर अपने ही पार्टी के अध्यक्ष के खिलाफ खड़े हो गए हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि मामला केवल व्यक्तिगत नाराजगी का नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर गहराते असंतोष का है।
सूत्रों की मानें तो पिछले कई दिनों से जोन के भीतर खींचतान चल रही थी, लेकिन अब पार्षदों ने खुलकर बगावत का बिगुल फूंक दिया है। महापौर से की गई शिकायत में पार्षदों ने मांग की है कि तत्काल कार्रवाई करते हुए सचिन मेघानी को अध्यक्ष पद से हटाया जाए, ताकि जोन की कार्यप्रणाली सामान्य हो सके।
इस घटनाक्रम ने भाजपा संगठन की अंदरूनी एकता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष को बैठे-बिठाए बड़ा मुद्दा मिल गया है, वहीं नगर निगम की राजनीति में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर भाजपा अपने घर की इस “सियासी लड़ाई” को कैसे संभालेगी।



