अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने के संकेतों के बीच यह कयास लगाए जाने भी शुरू हो गए हैं कि आखिर सस्ता तेल कब से मिलना शुरू होगा. भारत में भी लोगों को इसी बात की सबसे ज्यादा उम्मीद है कि क्रूड सस्ता होने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आएगी. लेकिन, यह कमी कब से आएगी, यही सबसे बड़ा सवाल है. इससे पहले मई में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 4 बार बढ़ोतरी की जा चुकी है.
होर्मुज के खुलने के बाद कच्चे तेल और लिक्विड नेचुरल गैस (एलएनजी) की कीमतों में नरमी आने की उम्मीद जताई जा रही है. हालांकि, विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि आपूर्ति बाधित होने, ऊर्जा ढांचों को हुए नुकसान और सीमित भंडार के कारण वैश्विक ईंधन बाजारों में आने वाले कई महीनों तक उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. क्रिसिल इंटेलिजेंस के निदेशक सेहुल भट्ट ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की संभावना से ईंधन बाजारों में तनाव जोखिम में भारी गिरावट आई है.



