EPFO के नियमों के अनुसार, पूरा PF बैलेंस निकालने की अनुमति केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही दी जाती है. सबसे सामान्य स्थिति रिटायरमेंट की होती है. जब सदस्य 58 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, तब वह अपने EPF खाते का अंतिम निपटान (Final Settlement) कराकर पूरी राशि निकाल सकता है. इसके अलावा यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है और लगातार बेरोजगार रहता है, तब भी उसे चरणबद्ध तरीके से पूरी राशि निकालने का अधिकार मिलता है. मौजूदा नियमों के अनुसार, नौकरी छूटने के एक महीने बाद सदस्य अपने PF का 75 प्रतिशत तक निकाल सकता है. यदि दो महीने तक नई नौकरी नहीं मिलती, तो वह शेष 25 प्रतिशत राशि निकालने के लिए भी आवेदन कर सकता है. यह व्यवस्था बेरोजगारी के दौरान आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से बनाई गई है.
कई कर्मचारी नई कंपनी में जॉइन करने से पहले अपना पूरा PF निकाल लेते हैं. लेकिन EPFO ऐसा करने की सलाह नहीं देता. यदि आप नौकरी बदल रहे हैं, तो बेहतर विकल्प यह है कि अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के माध्यम से पुराने PF खाते को नई कंपनी से जोड़ दें. इससे आपका पुराना बैलेंस सुरक्षित रहता है, उस पर ब्याज मिलता रहता है और आपकी नौकरी का रिकॉर्ड भी लगातार बना रहता है. बार-बार PF निकालने से आपकी रिटायरमेंट की बचत कम हो सकती है. कुछ मामलों में समय से पहले निकासी करने पर टैक्स संबंधी प्रभाव भी पड़ सकते हैं. इसलिए विशेषज्ञ भी नौकरी बदलने पर PF ट्रांसफर को ही सबसे बेहतर विकल्प मानते हैं.



