*बुखार होने पर तत्काल कराएं जांच, स्वास्थ्य विभाग ने की नागरिकों से अपील*
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 29 जुलाई 2026/ वर्षा ऋतु में मच्छरों की संख्या बढ़ने के साथ मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से विशेष सतर्कता बरतने तथा मलेरिया से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा ने बताया कि मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाला रोग है। समय पर जांच और पूर्ण उपचार से इस बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। तेज बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी, अत्यधिक पसीना आना, सिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी, भूख न लगना अथवा उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय निकटतम आयुष्मान आरोग्य मंदिर, उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा जिला अस्पताल में निःशुल्क मलेरिया जांच अवश्य कराएं। जांच में मलेरिया की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है। चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवाओं का पूरा कोर्स अवश्य पूरा करें।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि घर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायर तथा अन्य पात्रों में भरे पानी को नियमित रूप से खाली करें या बदलें। पानी की टंकियों को ढककर रखें, घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखें तथा रात्रि में कीटनाशक उपचारित मच्छरदानी (एलएलआईएन) का उपयोग करें। आवश्यकता अनुसार पूरे बाजू के कपड़े पहनें और मच्छररोधी क्रीम या रिपेलेंट का भी प्रयोग करें।
जिला मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर सर्वे, बुखार पीड़ितों की जांच, निःशुल्क दवा वितरण, आवश्यकतानुसार इनडोर रेजिडुअल स्प्रे (आईआरएस) तथा व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। विभाग ने आशा, मितानिन एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सहयोग देने तथा सही जानकारी साझा करने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग का संदेश है कि “हर बुखार की समय पर जांच कराएं, मच्छरों से बचाव करें और मलेरिया मुक्त जिला बनाने में अपना योगदान दें।”



