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नवनिर्मित पुलिया के पास दलदल में फंसा हाईवा, रतनपुर-केंदा मार्ग पर लगा लंबा जाम कीचड़ और फिसलन से राहगीर परेशान, दोपहिया वाहनों का निकलना भी मुश्किल; धीमी गति से चल रहे एनएच निर्माण पर उठे सवाल

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बिलासपुर/रतनपुर। रविवार शाम रतनपुर-केंदा मुख्य मार्ग पर ग्राम मझवानी के पास नवनिर्मित पुलिया के समीप दलदल में एक हाईवा फंस जाने से सड़क पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। हाईवा के फंसने के बाद पुलिया से लेकर दारसागर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। मार्ग पर जाम की स्थिति देर तक बनी रही, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

मौके पर सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि चारपहिया वाहनों के साथ दोपहिया वाहनों का निकलना भी मुश्किल हो गया है। सड़क पर बने गहरे कीचड़ और दलदल में वाहन फिसलने का खतरा बना हुआ है। कई लोग जोखिम उठाकर किसी तरह अपने दोपहिया वाहन निकालने को मजबूर हैं। बारिश के बाद मार्ग की स्थिति और भी बदतर हो गई है।

कीचड़ में फंस रहे वाहन, दुर्घटना का बढ़ा खतरा

रतनपुर से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की ओर जाने वाले इस मार्ग पर लंबे समय से निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण की धीमी गति और बारिश के दौरान सड़क पर बनी कीचड़ की स्थिति ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कहीं वाहन सड़क से फिसलकर गिर रहे हैं तो कहीं दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। कीचड़ और फिसलन के बीच ग्रामीणों और राहगीरों को गिरते-संभलते आवागमन करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना इस मार्ग से बड़ी संख्या में ग्रामीण, कर्मचारी, विद्यार्थी और अन्य लोग आवागमन करते हैं। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण उन्हें हर दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का सवाल है कि आखिर निर्माण कार्य पूरा होने में इतनी देरी क्यों हो रही है और कब तक उन्हें इसी तरह कीचड़ व दलदल के बीच से गुजरना पड़ेगा।

ग्रामीणों की मांग—तत्काल सुधारी जाए सड़क की स्थिति

जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगने के बाद स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन और निर्माण एजेंसी से तत्काल मौके पर पहुंचकर हाईवा हटाने तथा मार्ग को आवागमन योग्य बनाने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में तेजी लाने, कीचड़ वाले हिस्सों को तत्काल दुरुस्त करने और बारिश के दौरान सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि विकास के लिए सड़क निर्माण जरूरी है, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण लोगों को सुविधा के बजाय परेशानी झेलनी पड़ रही है। यदि समय रहते सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई तो आने वाले दिनों में गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।