Home छत्तीसगढ़ हौसले के आगे दिव्यांगता नहीं बनी बाधा

हौसले के आगे दिव्यांगता नहीं बनी बाधा

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जब हौसले मजबूत हों और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो सामाजिक, आर्थिक और दिव्यांगता जैसी चुनौतियां भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। दिव्यांगता शरीर की सीमा हो सकती है, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति और बुलंद हौसलों के सामने सपनों की कोई सीमा नहीं होती। मुंगेली जिले के लोरमी विकासखण्ड के ग्राम तेलीखाम्ही की दिव्यांग विद्या साहू ने अपनी मेहनत, लगन, दृढ़ संकल्प और मजबूत हौसलों के साथ अपने सपनों का नई उड़ान दी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग परीक्षा-2024 में अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी के पद पर चयनित होकर जिले का गौरव बढ़ाया है। एक हाथ से 70 प्रतिशत अस्थि बाधित दिव्यांगता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग परीक्षा में छठे प्रयास में अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी के पद पर चयनित होकर सफलता का इतिहास रचा है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता के बाद शासन की ओर से समाज कल्याण विभाग की क्षितिज अपार संभावनाएं अंतर्गत दिव्यांग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत उन्हें 01 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल और जिला पंचायत सीईओ श्री गोकुल रावटे ने विद्या को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। साथ ही बेटी की सफलता पर विद्या के माता-पिता को बधाई देते हुए कहा कि स्वयं निरक्षर होने के बावजूद उन्होंने शिक्षा के महत्व को समझा और बेटी को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। उनका यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक और सकारात्मक संदेश है। कलेक्टर ने कहा कि विद्या की सफलता उनकी मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम है। शासन द्वारा प्रदान की गई प्रोत्साहन राशि उनकी उपलब्धि को सम्मान देने के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी प्रेरणा का माध्यम बनेगी। उन्होंने विद्या को निरंतर प्रयास कर और ऊंचा मुकाम हासिल करने प्रोत्साहित किया।

एसएसपी ने कहा कि विद्या की उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि जिले के उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से अपने भविष्य को नई दिशा देने का सपना देख रहे हैं। विद्या ने अपनी मेहनत से यह साबित किया है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से सफलता हासिल कर सकता है।

विद्या साहू ने कहा कि शासन की क्षितिज अपार संभावनाएं अंतर्गत दिव्यांग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि “सीजी पीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में चयन मेरा सपना था, जिसे मैंने कड़ी मेहनत, निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प के साथ पूरा किया। यह मेरा छठा प्रयास था। इससे पहले भी मैं साक्षात्कार तक पहुंच चुकी थी, लेकिन इस बार सफलता हासिल करने में सफल रही। चयन के बाद शासन द्वारा प्रदान की गई 01 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मेरे लिए बेहद उत्साहवर्धक है।” उन्होंने कहा कि “दिव्यांगता कभी भी लक्ष्य प्राप्ति की राह में अंतिम बाधा नहीं बन सकती। जीवन में चुनौतियां आती हैं, लेकिन हर चुनौती के साथ समाधान का रास्ता भी होता है। आवश्यकता है कि हम अपने लक्ष्य पर विश्वास रखें, निरंतर प्रयास करें और कभी हार न मानें।” उन्होंने इस प्रोत्साहन एवं सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

विद्या ने बताया कि वे लोरमी क्षेत्र के ग्राम तेलीखाम्ही की निवासी हैं और किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता श्री सुदर्शन साहू किसान हैं तथा माता श्रीमती सरोजनी साहू हैं। परिवार में उनके दो भाई जितेन्द्र एवं भोलाराम भी हैं। उन्होंने बताया कि परिवार की परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद माता-पिता ने हमेशा शिक्षा के महत्व को समझते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। परिवार के सहयोग, आत्मविश्वास और लगातार मेहनत ने उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने की ताकत दी। इस अवसर पर उप संचालक समाज कल्याण श्री नदीम काजी उपस्थित रहे।

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