ईपीएफओ ने प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए पीएफ की मिनिमम लिमिट नहीं तय की है, जिसका मतलब है कि अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता मिलाकर 5 हजार रुपये होता है तो उसका 12 फीसदी पीएफ काटा जाएगा और उसे 600 रुपये हर महीने पीएफ खाते में जमा करने होंगे. इसका मतलब है कि पीएफ काटने की कोई मिनिमम लिमिट नहीं है. पीएफ के नियम कहते हैं कि आपके खाते में जितनी राशि सैलरी से काटकर जमा की जाएगी, उतनी ही कंपनी को भी जमा करनी होगी.
पीएफ खाते का नियम कहता है कि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी और डीए को मिलाकर जो भी पैसा बनता है, उसका 12 फीसदी काटकर पीएफ खाते में डाला जाता है. इतना ही पैसा कंपनी भी कर्मचारी के पीएफ खाते में जमा करती है. इस तरह, देखा जाए तो कर्मचारी के बेसिक और डीए का कुल 24 फीसदी पैसा पीएफ खाते में डाला जाएगा. हालांकि, यह सारा पैसा सीधे आपके पीएफ अकाउंट में नहीं जाएगा, बल्कि कंपनी की ओर से डाली जाने वाली रकम का 8.66 फीसदी पैसा पेंशन फंड में डाला जाता है. कर्मचारी के हिस्से का पूरा 12 फीसदी पीएफ खाते में जाता है, जबकि नियोक्ता के हिस्से से भी 3.34 फीसदी पैसा पीएफ अकाउंट में डाला जाता है.
पीएफ काटने की मिनिमम लिमिट भले नहीं है, लेकिन इसकी मैक्सिमम लिमिट जरूर है. अभी यह लिमिट 15 हजार रुपये तय की गई है. इस लिहाज से जिसकी बेसिक सैलरी 15 हजार है, उसके पीएफ खाते में हर महीने 1,800 रुपये जमा होंगे और इतने ही पैसे कंपनी की ओर से भी जमा किए जाएंगे. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जिसकी बेसिक सैलरी 15 हजार रुपये से ज्यादा होगी, उसका पीएफ नहीं काटा जाएगा. उस पर भी पीएफ जरूर काटा जाएगा लेकिन इसकी लिमिट सिर्फ 15 हजार रुपये ही होगी. इसका मतलब है कि भले ही आपकी बेसिक और डीए मिलाकर 1 लाख ही क्यों न हो, आपके पीएफ में सिर्फ 1,800 रुपये ही जमा किए जाएंगे और इतने ही पैसे कंपनी भी जमा करेगी.
हर कंपनी अपने कर्मचारी को सैलरी स्लिप देती है, जिस पर आपका पीएफ अकाउंट नंबर और UAN लिखा होता है. अगर आपको यह नहीं पता कि आपकी कंपनी पीएफ काटती है या नहीं तो आप ईपीएफओ की ऑफिशियल वेबसाइट पर लॉग इन करके आसानी से पता कर सकते हैं. इसके लिए आपको UAN की जरूरत होगी और आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिये अपने पीएफ खाते का पासबुक खोलकर जमा की गई राशि को देख सकते हैं.
आपको यह जानना जरूरी है कि अगर महीने की 15 तारीख से पहले कंपनी को आपके पीएफ के लिए काटे गए पैसों को खाते में जमा करना जरूरी होता है. मसलन, सितंबर महीने का पैसा आपकी कंपनी को 15 अक्टूबर से पहले जमा करना जरूरी होगा.
अगर कोई कंपनी ऐसा नहीं करती है तो आप उसकी शिकायत कर सकते हैं. शिकायत सही पाए जाने पर कंपनी पर जुर्माना लगाया जा सकता है.
- सबसे पहले ईपीएफओ के ऑफिशियल पोर्टल EPFiGMS को खोलें.
- पोर्टल पर Register Grievance ऑप्शन खोलें और PF Member का विकल्प चुनें.
- इसके बाद अपना UAN, मोबाइल नंबर सहित अन्य डिटेल भरें.
- शिकायत के कॉलम में लिखें कि आपका पीएफ कंपनी ने काटा लेकिन उसे ईपीएफ खाते में जमा नहीं किया.
- सबूत के तौर पर आपको सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट अथवा पासबुक की कॉपी लगानी होगी.
- इसके बाद आपकी शिकायत दर्ज हो जाएगी और कम्पलेंट नंबर मिल जाएगी. इस नंबर से आप अपनी शिकायत का स्टेटस चेक कर सकते हैं.



