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देश में सुबह-सुबह डोली धरती, रिक्‍टर स्‍केल पर रिकॉर्ड की गई 3 की तीव्रता, हिमालय की गोद में हलचल

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पिछले कुछ दिनों में एशिया के साथ ही भारत के कई हिस्‍सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. तिब्‍बत और म्‍यांमार के बाद महाराष्‍ट्र, उत्‍तराखंड एवं दिल्‍ली-एनसीआर तक में भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं. अब अरुणाचल प्रदेश में भी भूकंप आया है. बता दें कि हिमालय रेंज में पिछले कुछ दिनों से लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं. सिस्मोलॉजिस्ट के अनुसार भूकंप,के लिहाज से हिमालय रेंज रेड जोन में आता है, जिस वजह से इसकी संवेदनशीलता और भी बढ़ जाती है.
अरुणाचल प्रदेश के कुरुंग कुमे जिले में बुधवार 7 अक्‍टूबर 2026 की सुबह 3.0 की तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र 27.991 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 93.292 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था. भूकंप की गहराई जमीन से करीब 5 किलोमीटर नीचे रही. भूकंपीय गतिविधि सुबह 6 बजकर 27 मिनट 13 सेकंड पर दर्ज की गई. केंद्र ने इस भूकंप की स्थिति को ‘रिव्यूड’ यानी समीक्षा की हुई बताया है. फिलहाल भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है.

दिल्‍ली-एनसीआर में भी रात में लगे थे झटके

दिल्ली-एनसीआर समेत कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. दिल्ली के साथ-साथ उत्तराखंड के सभी जिलों में भी धरती हिली. भूकंप का केंद्र उत्तराखंड का चमोली था. पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा सहित उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से में ये झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीमोलॉजी के मुताबिक, आज रात 10:23 बजे उत्तराखंड के उत्तरकाशी में रिक्टर स्केल पर 4.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. भूकंप का केंद्र जमीन से नीचे उत्तराखंड के खादून लगा गवाली से 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित था.

3 अक्‍टूबर को भी डोली थी धरती

इससे पहले 3 अक्‍टूबर 2026 को भी देश में धरती डोली थी. महाराष्‍ट्र में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए. NCS ने बताया था कि महाराष्‍ट्र के हिंगोली में मध्‍यम दर्जे का भूकंप आया है. रिक्‍टर स्‍केल पर इसकी तीव्रता 4.5 मापी गई. अचानक से धरती डोलने से लोगों में डर समा गया. प्रभावित इलाकों में लोग डर के मारे अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए. बता दें कि भूकंप एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है, जिसका पूर्वानुमान लगाना कतई आसान काम नहीं है. हालांकि, सिस्मिक जोन में आने वाले क्षेत्रों में रहने वालों को एक्‍सपर्ट की ओर से सावधान और सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, ताकि जानमाल के नुकसान को कम किया जा सके. खासतौर पर मकान के निर्माण में भूकंपरोधी तकनीक का इस्‍तेमाल करने की सलाह दी जाती है.