भारतीय युवाओं का टैलेंट सिर्फ कामगार और सर्विस सेक्टर में ही नहीं दिख रहा है, बल्कि कारोबारी क्षेत्र में भी उनका लोहा पूरी दुनिया मानने लगी है. हुरून ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि देश में 35 साल से कम आयु के युवाओं द्वारा संचालित कंपनियों का कुल मूल्यांकन 23 फीसदी बढ़कर 48 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. खास बात ये है कि एआई और मशीन लर्निंग से जुड़े उद्यमों में युवा उद्यमियों की यह संख्या 4 गुना बढ़ चुकी है.
वैसे तो ‘एवेंडस वेल्थ – हुरुन इंडिया अंडर-35 (यू35) लिस्ट 2026’ में शामिल युवाओं की संख्या सालाना आधार पर 16 फीसदी बढ़कर 155 से 180 हो गई है. इस सूची में अपना कारोबार चला रहे संस्थापक और पारिवारिक कारोबार के उत्तराधिकारी दोनों शामिल हैं. सूची में पांच करोड़ डॉलर या उससे अधिक मूल्य के उपक्रम खड़ा करने वाले पहली पीढ़ी के संस्थापकों और 10 करोड़ डॉलर के पारिवारिक व्यवसायों को आगे बढ़ा रहे अगली पीढ़ी के युवा उद्यमियों को शामिल किया गया है.
37 कंपनियों का वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर से ज्यादा
हुरुन इंडिया के संस्थापक और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने कहा कि सूची में एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली 37 कंपनियां शामिल हैं. उन्होंने बताया कि ये उद्यम सामूहिक रूप से 5.88 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं. सूची में शामिल 180 दिग्गजों में 71 फीसदी पहली पीढ़ी के उद्यमी हैं. इसका मतलब है कि यह सभी खुद अपनी कंपनी के फाउंडर हैं.
हुरुन इंडिया के संस्थापक और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने कहा कि सूची में एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली 37 कंपनियां शामिल हैं. उन्होंने बताया कि ये उद्यम सामूहिक रूप से 5.88 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं. सूची में शामिल 180 दिग्गजों में 71 फीसदी पहली पीढ़ी के उद्यमी हैं. इसका मतलब है कि यह सभी खुद अपनी कंपनी के फाउंडर हैं.
भारतीय युवाओं का टैलेंट सिर्फ कामगार और सर्विस सेक्टर में ही नहीं दिख रहा है, बल्कि कारोबारी क्षेत्र में भी उनका लोहा पूरी दुनिया मानने लगी है. हुरून ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि देश में 35 साल से कम आयु के युवाओं द्वारा संचालित कंपनियों का कुल मूल्यांकन 23 फीसदी बढ़कर 48 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. खास बात ये है कि एआई और मशीन लर्निंग से जुड़े उद्यमों में युवा उद्यमियों की यह संख्या 4 गुना बढ़ चुकी है.
वैसे तो ‘एवेंडस वेल्थ – हुरुन इंडिया अंडर-35 (यू35) लिस्ट 2026’ में शामिल युवाओं की संख्या सालाना आधार पर 16 फीसदी बढ़कर 155 से 180 हो गई है. इस सूची में अपना कारोबार चला रहे संस्थापक और पारिवारिक कारोबार के उत्तराधिकारी दोनों शामिल हैं. सूची में पांच करोड़ डॉलर या उससे अधिक मूल्य के उपक्रम खड़ा करने वाले पहली पीढ़ी के संस्थापकों और 10 करोड़ डॉलर के पारिवारिक व्यवसायों को आगे बढ़ा रहे अगली पीढ़ी के युवा उद्यमियों को शामिल किया गया है.
37 कंपनियों का वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर से ज्यादा
हुरुन इंडिया के संस्थापक और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने कहा कि सूची में एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली 37 कंपनियां शामिल हैं. उन्होंने बताया कि ये उद्यम सामूहिक रूप से 5.88 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं. सूची में शामिल 180 दिग्गजों में 71 फीसदी पहली पीढ़ी के उद्यमी हैं. इसका मतलब है कि यह सभी खुद अपनी कंपनी के फाउंडर हैं.
हुरुन इंडिया के संस्थापक और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने कहा कि सूची में एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली 37 कंपनियां शामिल हैं. उन्होंने बताया कि ये उद्यम सामूहिक रूप से 5.88 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं. सूची में शामिल 180 दिग्गजों में 71 फीसदी पहली पीढ़ी के उद्यमी हैं. इसका मतलब है कि यह सभी खुद अपनी कंपनी के फाउंडर हैं.



