आंकड़ों के अनुसार, अफ्रीका को भारत का वस्तु निर्यात अप्रैल-अगस्त 2026-27 में सालाना आधार पर 47 फीसदी बढ़कर 26.19 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 17.83 अरब डॉलर था. इस दौरान भारत के कुल निर्यात में अफ्रीका की हिस्सेदारी बढ़कर 12.2 फीसदी हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 9.7 फीसदी थी. पूर्वी अफ्रीका को निर्यात करीब दोगुना होकर 94 फीसदी की वृद्धि के साथ 8.95 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. इसके अलावा दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) को निर्यात 53 फीसदी बढ़कर 5.09 अरब डॉलर और उत्तरी अफ्रीका को निर्यात 33 फीसदी बढ़कर 4.03 अरब डॉलर हो गया है. पश्चिमी अफ्रीका को निर्यात इस अवधि में 7 फीसदी बढ़कर 5.57 अरब डॉलर रहा.
अप्रैल-अगस्त के दौरान दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के सदस्य देशों को भारत का निर्यात 56 फीसदी बढ़कर 23.08 अरब डॉलर हो गया. वहीं, पूर्वोत्तर एशिया को निर्यात 37 फीसदी बढ़कर 21.03 अरब डॉलर रहा. दक्षिण एशिया और यूरोप के अन्य देशों को निर्यात में 24 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. आसियान में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमा, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं.
भारत से वाणिज्यिक वाहनों का निर्यात भी तेजी से बढ़ रहा है. सरकार के आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल-अगस्त 2026-27 के दौरान हल्के वाणिज्यिक ट्रक और मध्यम श्रेणी के ट्रक के निर्यात में क्रमशः 71 फीसदी और 67 फीसदी की वृद्धि हुई. यह विदेशी बाजारों में इन वाहनों की मजबूत मांग को दर्शाता है. भारत के कॉमर्शियल वाहनों की डिमांड विदेशी बाजारों में तेजी से बढ़ रही है.



