एलआईसी से पेंशन पाने वालों को अपने भुगतान से जुड़े एक जरूरी नियम का ध्यान रखना चाहिए. कंपनी की ओर से मिलने वाली वार्षिकी (Annuity) जारी रखने के लिए कुछ लोगों को तय समय पर यह साबित करना होता है कि वे जीवित हैं. इसके लिए जीवन प्रमाण पत्र यानी सर्टिफिकेट ऑफ एग्जिस्टेंस जमा किया जाता है. इसे देने में देरी होने पर पेंशन के भुगतान पर असर पड़ सकता है. इसलिए अपनी पॉलिसी के नियमों और प्रमाण पत्र जमा करने की तारीख की जानकारी रखना जरूरी है.
हालांकि, हर पेंशनधारक को यह प्रमाण पत्र एक ही समय अंतराल पर जमा नहीं करना होता. यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसने अपनी पॉलिसी में कौन सा वार्षिकी ऑप्शन चुना है. एलआईसी पात्र लोगों को अपनी आधिकारिक मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए भी यह प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा देता है. ऐसे में पेंशनधारकों को यह जानना जरूरी है कि उन्हें कब प्रमाण पत्र देना है, इसे जमा करने का तरीका क्या है और जमा करने के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
किसे हर साल और किसे 5 साल में देना होगा प्रमाण पत्र?
मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, एलआईसी की वार्षिकी पॉलिसी लेने वाले लोगों के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का नियम चुने गए विकल्प के अनुसार अलग-अलग हो सकता है. कंपनी के संबंधित फॉर्म में दी गई जानकारी के मुताबिक, लाइफ एन्युटी ऑप्शन के तहत वार्षिकी पाने वालों को हर साल यह प्रमाण पत्र जमा करना होता है. वहीं, रिटर्न ऑफ कैपिटल ऑप्शन के तहत पात्र लोगों के लिए यह अवधि हर पांच साल में एक बार है.
इस प्रमाण पत्र का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि वार्षिकी का भुगतान सही व्यक्ति को किया जा रहा है. इसलिए पेंशनधारकों को अपनी पॉलिसी के नियमों को समझना चाहिए और अगली बार प्रमाण पत्र जमा करने की तारीख का ध्यान रखना चाहिए. नियमों और शर्तों में किसी तरह का संदेह होने पर एलआईसी से इसकी पुष्टि कर लेना बेहतर है.
घर बैठे मोबाइल ऐप से ऐसे जमा करें जीवन प्रमाण पत्र
एलआईसी की आधिकारिक मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए पात्र पॉलिसीधारक जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं. इसके लिए ये कदम अपनाएं:
1. ऐप डाउनलोड करें: सबसे पहले एलआईसी की आधिकारिक एप्लीकेशन डाउनलोड करें. ऐप डाउनलोड करते समय उसके आधिकारिक होने की पुष्टि जरूर करें.
2. सर्टिफिकेट ऑफ एग्जिस्टेंस चुनें: ऐप खोलने के बाद ‘Certificate of Existence’ का विकल्प तलाशें और उस पर क्लिक करें.
3. लॉगिन करें: अपने अकाउंट में लॉगिन करें और स्क्रीन पर मांगी गई जानकारी भरें.
4. जरूरी जानकारी दर्ज करें: वार्षिकी नंबर (Annuity Number), पैन नंबर और अन्य जरूरी जानकारी सही-सही दर्ज करें. इसके बाद ऐप में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए प्रक्रिया पूरी करें.
5. प्रमाण पत्र सुरक्षित रखें: प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रमाण पत्र उपलब्ध होने पर उसे डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें. इससे भविष्य में जरूरत पड़ने पर आपके पास इसका रिकॉर्ड रहेगा.
ध्यान रखें कि ऐप पर उपलब्ध ऑप्शन और प्रक्रिया में बदलाव हो सकता है. इसलिए स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों के अनुसार ही जानकारी जमा करें.
प्रमाण पत्र जमा हुआ या नहीं?
जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के बाद यह देखना भी जरूरी है कि आपकी प्रक्रिया पूरी हुई है या नहीं. प्रमाण पत्र में पेंशन आईडी, पेंशन का प्रकार, वार्षिकी पाने वाले व्यक्ति का नाम, प्रमाण पत्र जारी होने की तारीख और अगली बार इसे जमा करने की तारीख जैसी जानकारियां हो सकती हैं.
प्रमाण पत्र के स्टेटस में ‘SUBMITTED’ लिखा दिखाई देने पर यह पता चलता है कि इसे जमा किया गया है. इसके बावजूद पेंशनधारकों को उपलब्ध रसीद या प्रमाण पत्र की कॉपी सुरक्षित रखनी चाहिए. अगर स्टेटस अपडेट नहीं होता या कोई दूसरी परेशानी आती है, तो संबंधित जानकारी की पुष्टि एलआईसी से करें.
भुगतान में परेशानी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
पेंशनधारकों को अपनी पॉलिसी में चुने गए वार्षिकी विकल्प और जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की अगली तारीख की जानकारी रखनी चाहिए. तारीख पहले से नोट करने से समय पर प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिल सकती है. परिवार के सदस्य भी बुजुर्ग पेंशनधारकों को इस काम में मदद कर सकते हैं.
अगर मोबाइल ऐप से प्रमाण पत्र जमा करने में परेशानी आती है या भुगतान से जुड़ी कोई समस्या होती है, तो एलआईसी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध संपर्क विवरण के जरिए कंपनी से संपर्क किया जा सकता है. समय पर प्रमाण पत्र जमा करने से पात्रता की पुष्टि करने में मदद मिलती है और भुगतान में संभावित रुकावट से बचा जा सकता है.
फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करते समय क्या ध्यान रखें
फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने से पहले पेंशनधारकों को कुछ जरूरी जानकारियां अपने पास रखनी चाहिए। इनमें आधार नंबर या वर्चुअल आईडी (VID), पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) नंबर, चालू मोबाइल नंबर और पेंशन खाते की जानकारी शामिल है। इसके अलावा, पेंशन मंजूर करने वाले विभाग और पेंशन का भुगतान करने वाली एजेंसी का विवरण भी जरूरी हो सकता है। सभी जानकारियां सही भरें, ताकि पहचान की पुष्टि करने में परेशानी न हो और प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया आसानी से पूरी हो सके।