Home छत्तीसगढ़ किसानों की सुविधा और पारदर्शी धान खरीदी के लिए प्रशासन ने कसी...

किसानों की सुविधा और पारदर्शी धान खरीदी के लिए प्रशासन ने कसी कमर, 15 नवंबर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी

0

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार संयुक्त जिला कार्यालय के सभागार में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर श्री सुरेंद्र प्रसाद वैद्य ने की। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को धान खरीदी की सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने तथा किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।
अपर कलेक्टर श्री वैद्य ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप धान खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता, सुगमता और व्यवस्थित ढंग से किया जाना चाहिए। किसानों को अपनी उपज बेचने के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता और जिम्मेदारी से निर्वहन करें।

15 नवंबर से 15 जनवरी तक होगी धान खरीदी

बैठक में बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक की जाएगी। इसके लिए जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए गए।
किसानों के रकबे के अनुसार मिलेगी टोकन सुविधा

धान खरीदी व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए किसानों के रकबे के अनुसार टोकन वितरण की व्यवस्था निर्धारित की गई है। इसके तहत 2 एकड़ से कम भूमि वाले किसानों को एक टोकन, 2 एकड़ से अधिक तथा 10 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को अधिकतम दो टोकन और 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को अधिकतम तीन टोकन दिए जाएंगे। इससे खरीदी केंद्रों में भीड़ को नियंत्रित करने और धान खरीदी को व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

कस्टम मिलिंग और चावल जमा करने के नियमों का पालन अनिवार्य

बैठक में कस्टम मिलिंग एवं परिवहन व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में नागरिक आपूर्ति निगम के पास निर्धारित 50 प्रतिशत तक चावल जमा करने वाले राइस मिलर्स के साथ ही खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए कस्टम मिलिंग का अनुबंध किया जाएगा। साथ ही, वर्ष 2026-27 की धान खरीदी अवधि पूरी होने के बाद ही मिलर्स को कस्टम मिलिंग के लिए धान का प्रदाय किया जाएगा।

धान की गुणवत्ता जांच के लिए ग्रेडिंग अनिवार्य

धान खरीदी प्रारंभ होने के बाद प्रत्येक उपार्जन केंद्र में पीसीएसएपी के माध्यम से धान की ग्रेडिंग करना अनिवार्य होगा। इससे धान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

142 केंद्रों में ट्रायल रन सफल, शेष केंद्रों में प्रक्रिया जारी

जिले के सभी उपार्जन एवं संग्रहण केंद्रों में 02 नवंबर से 05 नवंबर 2026 तक ट्रायल रन आयोजित किया जा रहा है। बैठक में जानकारी दी गई कि 04 नवंबर तक जिले के 142 केंद्रों में ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष 19 केंद्रों में प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों को शेष केंद्रों का ट्रायल रन भी निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए गए।

पुराने और नए बारदानों का होगा समान उपयोग

धान उपार्जन के दौरान बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पुराने बारदानों (पीडीएस, मिलर्स एवं समितियों द्वारा उपलब्ध) तथा नए बारदानों का उपयोग 50:50 के अनुपात में किया जाएगा। इससे बारदानों की उपलब्धता और उपयोग का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा।

अपर कलेक्टर श्री सुरेंद्र प्रसाद वैद्य ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान खरीदी से जुड़ी प्रत्येक व्यवस्था की नियमित निगरानी करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि किसानों का हित सर्वोपरि है। प्रशासन का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले तथा पूरी खरीदी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और सुगम तरीके से संपन्न हो। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री जीएल यादव एवं श्री हरिवंश सिंह मिरी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्री रामकुमार सोनकर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।