भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ सरकार के सौजन्य से प्रदेश के 33 जिला मुख्यालय और 146 विकासखंडों में निःशुल्क फास्ट्रेक ट्रेनिंग कराए जाने की कार्य योजना तय की गई है। इसी कड़ी में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा शुक्रवार को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही विकासखंडों के स्कूलों में खाना बनाने और परोसने में संलग्न रसोइयों के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिले भर के 160 रसोइयों ने हिस्सा लिया। यह शिविर स्वामी आत्मानंद शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पेंड्रा और बीआरसी भवन मरवाही में आयोजित की गई, जिसमें गौरेला के 80 और पेंड्रा एवं मरवाही विकासखंड के 40-40 रसोइयों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण शिविर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नीलम ठाकुर और कोलकाता से आए विभाग के मास्टर ट्रेनर जयदीप बसु और मध्यान्ह भोजन के नोडल अधिकारी अनिल शर्मा व बीआरसी मरवाही अजय राय मौजूद रहे।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी और मास्टर ट्रेनर ने प्रशिक्षण के दौरान रसोइयों को मध्यान्ह भोजन बनाने और उसे बच्चों को परोसे जाने तक बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान विभाग की ओर से वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने सभी को अपने समितियों का पंजीयन करने के लिए भी जागरूक किया। मास्टर ट्रेनर द्वारा मध्यान्ह भोजन कक्ष को साफ सुथरा रखने, किचन की प्रत्येक दिन साफ-सफाई करने, स्वच्छ बर्तन का उपयोग करने और बरसात के दिनों एवं अन्य दिनों में भी कीड़े मकोड़े या अन्य जीव जंतु से बचाने एवं भोजन को ढंककर रखने के लिए कहा। साथ ही उनसे होने वाले नुकसान के बारे में भी रसोइयों को अवगत कराया। मास्टर ट्रेनर द्वारा रसोइयों को व्यक्तिगत स्वच्छता रखने, फोर्टीफाइड सामग्री का उपयोग करने, रसोइयों को मीनू के हिसाब से बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन बनाने की समझाइस दिया गया।




