रानीपारा का बोर सूखा पड़ा है, महिलाएं आंदोलन के मूड में — पार्षद मनोज पाटले नदारद!
रतनपुर (वार्ड नं. 5), रानीपारा:
रतनपुर के वार्ड नंबर 5 में पानी की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। रानीपारा का बोर महीनों से बंद पड़ा है, टोंटी सूखी है और टैंकर व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं। महिलाओं का सब्र टूट रहा है — और अब उन्होंने साफ़ कह दिया है: “अब धरना होगा, चुप नहीं बैठेंगे!”
वहीं रहते हैं पार्षद, फिर भी समाधान नहीं!
सबसे बड़ा सवाल यही है — जब पार्षद मनोज पाटले खुद इसी वार्ड में निवास करते हैं, तो फिर जनता की आवाज़ क्यों अनसुनी हो रही है?
और यहाँ चौंकाने वाली बात ये है:
मनोज पाटले अपने ही वार्ड की जल संकट को छोड़कर, दूसरे वार्डों में “समस्या पूछने” में व्यस्त हैं!
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वार्ड 5 के लोग शिकायत लेकर उनके पास जाते हैं, तो उन्हें सिर्फ आश्वासन मिलता है —
> “बन जाएगा… देख रहा हूँ…”
जनता का गुस्सा फूटा:
> “अपने ही घर का नल सूखा पड़ा है और जनाब दूसरों के घरों का हालचाल पूछने निकल जाते हैं!” — एक बुजुर्ग नागरिक
“हमें पार्षद नहीं, काम चाहिए। अब महिलाएं खुद मैदान में उतरेंगी।” — रानीपारा की महिला समिति
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अब जनता का सीधा सवाल मनोज पाटले से:
क्या वार्ड 5 की जनता ने आपको सिर्फ देखने के लिए चुना था?
दूसरे वार्डों की समस्याएं पूछने से पहले, क्या कभी अपने घर की नली चेक की है?
कब तक “बन जाएगा” के झूठे वादों से काम चलेगा?
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रानीपारा की महिलाएं अब आर-पार के मूड में हैं। पानी न मिला, तो अगला कदम – धरना और घेराव!




