Home छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

कामधेनु विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

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दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग में *कुलपति डॉ.आर.आर.बी.सिंह* की अध्यक्षता में इंडियन वेटनरी एसोसियेशन तथा इंडियन मेडिकल एसोसियेशन के संयुक्त तत्वाधान में *“स्ट्रेन्दनिंग वन हेल्थ सिनर्जीः कॅाम्बेटिंग एण्टीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेंस (ए.एम.आर.) थ्रु क्रॉस सेक्टोरियल इनोवेशन एण्ड इंटीग्रेशन“* विषय पर दो दिवसीय *राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 06 – 07 अक्टूबर 2025* को आयोजित है।
उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि *श्री रामविचार नेताम जी* , मान. मंत्री छ.ग.शासन आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन, पशुधन विकास, विशिष्ट अतिथि *श्री गजेन्द्र यादव जी* मान. मंत्री छ.ग.शासन स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य, *श्री विजय बघेल जी सांसद दुर्ग* , श्री *ललित चन्द्राकर* जी मान. विधायक, दुर्ग ग्रामीण उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण, *श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा* जी मान.विधायक अहिवारा एवं बोर्ड मेंबर कामधेनु विश्वविद्यालय, विशेष अतिथि *डॉ.प्रवीण मलिक* पशुपालन आयुक्त भारत सरकार, *लेफ्टीनेंट जनरल अशोक जिंदल* , कार्यपालक निदेशक एवं सी.ई.ओ.एम्स, रायपुर, *डॉ.गिरीश चंदेल* कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, *प्रो.रविरत्न सक्सेना,* कुलपति महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, सांकरा पाटन, *डॉ.विनोद कुमार वर्मा* कुलपति लुवास, हिसार (हरियाणा), *डॉ.प्रज्ञा यादव,* निदेशक एन.आइ.ओ.एच. नागपुर, *डॉ.जी.मणी* मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड, रायपुर, *डॉ.सुधीर कुमार* अध्यक्ष इंडियन वेटनरी एसोसियेशन, *अधिष्ठाता डॉ.संजय शाक्य एवं कुलसचिव डॉ.बी.पी.राठिया* की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न होगा।
*आयोजन सचिव डॉ. निधि रावत* ने बताया कि यह सम्मेलन पशु एवं मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण और वन्यजीवों के बीच बहुक्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की हमारी साझा प्रतिबद्वता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी, जिसका उद्देश्य “वन हेल्थ“ फ्रेमवर्क के अंतर्गत एंटीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेंस (एएमआर) की बढ़ती चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटना है।
*आयोजन सचिव डॉ.सन्नाट* ने बताया कि इस सम्मेलन को सफल बनाने हेतु शैक्षकों, शोधकर्ताओं, पशुचिकित्सकों, चिकित्सा वैद्यो, क्षेत्रीय विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। इस सम्मेलन में 08 तकनीकी सत्र तथा पोस्टर प्रजेन्टेंशन होगा एवं इस राष्ट्रीय सम्मेलन में लगभग 200 प्रतिभागियों की सहभागिता रहेगी। इस राष्ट्रीय सम्मेलन की विस्तृत जानकारी *विश्वविद्यालय जनसंपर्क अधिकारी डॉ.दिलीप चौधरी* द्वारा दी गई।