Home छत्तीसगढ़ बिलासपुर : डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय में कक्षा 9वीं से 12वीं तक...

बिलासपुर : डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए शोध शिखर कार्यक्रम के अंतर्गत बाल विज्ञान पर्व 2026 का आयोजन किया गया

0

 

बिलासपुर / डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए शोध शिखर कार्यक्रम के अंतर्गत बाल विज्ञान पर्व 2026 का आयोजन किया गया। इस विज्ञान पर्व का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को विकसित करना है। कार्यक्रम का मुख्य विषय “इनोवेशन फॉर इंपैक्ट: एडवांसिंग ग्रीन टेक्नोलॉजी एंड सस्टेनेबल गोल्स फ़ॉर विकसित भारत” रखा गया, जो वर्तमान समय की वैश्विक और राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप है।
इस बाल विज्ञान पर्व में प्रदेश के 50 से अधिक स्कूलों ने भाग लिया, जिसमें लगभग 285 विद्यार्थियों ने अपने-अपने विज्ञान मॉडलों के माध्यम से प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने कक्षा 9वीं से 12वीं के स्तर पर रहते हुए जिस प्रकार से जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल, रचनात्मक और उपयोगी रूप में प्रस्तुत किया, उसने सभी अतिथियों, शिक्षकों और अभिभावकों को प्रभावित किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि इग्नू के प्रोफेसर संजय अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार के विज्ञान पर्व विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे न केवल उनकी रचनात्मक क्षमता बढ़ती है, बल्कि वे समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझते हैं। भविष्य के वैज्ञानिक, इंजीनियर और नवोन्मेषक इसी प्रकार के मंचों से तैयार होते हैं। विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ अरविंद तिवारी ने कहा कि कि आज का भारत तभी विकसित राष्ट्र बन सकता है, जब उसकी युवा पीढ़ी विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़े। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रयोगधर्मी शिक्षा अपनाने और समाज की समस्याओं के समाधान के लिए विज्ञान का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक मॉडल बनाकर सबके सामने रखा है। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, वेस्ट मैनेजमेंट, ओजोन परत संरक्षण, बिजली बचत और ग्रीन एनर्जी से जुड़े कई प्रभावशाली मॉडल प्रस्तुत किए। कुछ छात्रों ने सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों का प्रदर्शन किया, जो कम लागत में अधिक ऊर्जा उत्पादन की क्षमता दिखाते हैं। वहीं, जल संरक्षण पर आधारित मॉडलों ने यह संदेश दिया कि सीमित जल संसाधनों का सही प्रबंधन ही भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
ग्रामीण विकास को ध्यान में रखते हुए कई विद्यार्थियों ने स्मार्ट विलेज की अवधारणा पर आधारित मॉडल बनाए। इन मॉडलों में स्मार्ट स्ट्रीट लाइट, सोलर पैनल, स्वच्छ जल आपूर्ति, कचरा प्रबंधन और डिजिटल सेवाओं को एकीकृत रूप में दर्शाया गया। इसके अलावा स्मार्ट पार्किंग सिस्टम पर आधारित मॉडलों ने शहरी समस्याओं के समाधान की दिशा में विद्यार्थियों की सोच को उजागर किया। तकनीकी नवाचार के अंतर्गत सॉइल वॉटर सेंसर, हाइड्रॉलिक लिफ्ट, सेंसर गॉगल और स्वचालित उपकरणों के मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहे। सॉइल वॉटर सेंसर पर आधारित मॉडल ने यह बताया कि किस प्रकार मिट्टी में नमी की मात्रा को मापकर फसलों की सिंचाई को नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे जल की बचत के साथ-साथ कृषि उत्पादन भी बढ़ाया जा सकता है।
अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों ने चंद्रयान मिशन पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए। इन मॉडलों के माध्यम से छात्रों ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों को दर्शाते हुए यह बताया कि किस प्रकार वैज्ञानिक अनुसंधान देश की तकनीकी प्रगति को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। यह मॉडल विद्यार्थियों की वैज्ञानिक समझ और राष्ट्रीय गौरव की भावना को भी दर्शाते हैं।
पूरे आयोजन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर विज्ञान प्रदर्शनी स्थल में परिवर्तित नजर आया। हर मॉडल के साथ विद्यार्थी स्वयं खड़े होकर उसकी कार्यप्रणाली समझा रहे थे। निर्णायक मंडल ने मॉडलों का मूल्यांकन नवाचार, उपयोगिता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रस्तुति के आधार पर किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और स्कूलों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए अतिथि निर्णायक के रूप में विश्वविद्यालय निर्णायक डॉ अमित शुक्ला कृषि वरिष्ठ वैज्ञानिक, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, डीपी विप्र महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ विवेक अंबलकर, ,और आरके पांडे प्राध्यापक गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय उपस्थित थे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर प्रदीप कुमार घोष ने कहा कि सीखना तभी फलीभूत होता है जब आप उसे अच्छे से अच्छा प्रेजेंट कर सकें उन्होंने कहा इस कार्यक्रम का उद्देश्य शोध के लिए आप सभी को आगे ले जाना है हम चाहते हैं कि आपकी कल्पनाओं को नया आयाम मिले। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ अरविंद कुमार तिवारी, संकुलपति डॉ जयंती चटर्जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ एके श्रीवास्तव रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ शालिनी पांडे ने किया।

वोट ऑफ थैंक्स’ (धन्यवाद ज्ञापन) डॉ. रश्मि वर्मा, रसायन विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष (HOD), डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत किया गया|

*पुरस्कार पाकर खिले चेहरे*

*कक्षा 9वी*
प्रथम पुरस्कार- पीएम श्री डीकेपी कोटा,
द्वितीय पुरस्कार -आधारशिला स्कूल बिलासपुर
तृतीय पुरस्कार -इंडस पब्लिक स्कूल कोरबा

*कक्षा 10वीं*

प्रथम पुरस्कार- इंडस पब्लिक स्कूल कोरबा
द्वितीय पुरस्कार -गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल नेवरा
-तृतीय पुरस्कार- गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल नेवरा

*कक्षा 11वीं*

प्रथम पुरस्कार- पीएम श्री डीकेपी कोटा।
द्वितीय पुरस्कार- सेंट विंसेंट पालिटी स्कूल बिलासपुर
तृतीय पुरस्कार- गवर्नमेंट स्कूल उसलापुर

*कक्षा 12वीं*

प्रथम पुरस्कार -भारत माता स्कूल बिलासपुर
द्वितीय पुरस्कार- भारत माता स्कूल बिलासपुर
तृतीय पुरस्कार- कर्नल अकैडमी स्कूल बिलासपुर,