अरुण साव उपमुख्यमंत्री लोक निर्माण विभाग ने मिडिया से चर्चा में बताया की निर्माण कार्यो में गुणवत्ता सर्वोपरि-गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जायगा शासन द्वारा समस्त वरिष्ट अधिकारी मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालन अभियंता को प्रतिमाह रोस्टर तय कर रोस्टर के अनुसार कार्यो का निरिक्षण करने हेतु निर्देशित किया गया हैं अगर किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर सिद्ध होने पर तत्काल निलंबन कार्यवाही की जायगी l
संबंधित मंत्री लोक निर्माण विभाग के मंत्री अरुण साव पद में होने के कारण अधिकांश दौरे पर होते हैं उनको वास्तविक हकीकत जानने धरातल पर औचक निरिक्षण, निगरानी नहीं भौतिक सत्यापन करने की फुर्सत नहीं विभागीय मंत्री जो ठहरे अब बात आती हैं संबधित विभाग के अधिकारी, कर्मचारी का सब ठेकेदार को ठेका देने के बाद वह भी ठेकेदार के हिसाब से भगवान भरोसे चलता हैं विभाग के अधिकारी, कर्मचारी के साथ नेता, मंत्री सभी मिलकर घटना को अंजाम दे रहे हैं, ना कोई देखने वाला न कोई बोलने वाला, पहुच मार्ग रोड में होने वाले वर्षवार पेच रिपेयर कार्य नहीं, झाड़ियो की कटाई नहीं, पुल पुलियों की सफाई नहीं, किमी बोर्ड की रंगाई, पोताई नहीं, जहा पर गड्ढे हो गए हैं या ख़राब स्थिति हैं कोई मरम्मत कार्य नहीं कोई सुधार नहींl रोड किनारे रहने बसने वाले ग्रामीण हो या शहरी रोड सभी जगह जिनका सामान गिट्टी, रेत, मुरुम, इट, लकड़ी इत्यादी जो साल भर दो साल पहले रखा गया हैं वह आज दो, तीन साल से ज्यो के त्यों वही रखा हुआ हैं इससे यह सिद्ध होता हैं की पहुच मार्ग रोड पर कोई काम नहीं हुआ हैं विभागीय अधिकारी कर्मचारी ठेकेदार के द्वारा कोई निगरानी निरिक्षण नहीं कई जगह रोड को बिना अनुमति के काट कर अपना निजी पाइप का उपयोग किया गया हैं कहने का मतलब ग्रामीण हो या शहर मनमाने तरीके से बिना अनुमति रोड काटे गए हैं जिस पर आज तक कोई निगरानी कार्यवाही नहीं किया गया हैं हमारे टीम के द्वारा विशेष भ्रमण कर रिपोटिंग किया हैं वास्तविक में तो निश्चित ही भ्रष्टाचार, गुणवत्ताविहीन निर्माण, वित्तीय अनियमितता किया गया हैं जो साफ झलक रहा हैं कैमरे में कैद विडिओ, फोटो में साफ स्पष्ट देखा जा सकता हैं जिससे ये पता चलता हैं निश्चित ही भ्रष्टाचार, गुणवत्ताविहीन निर्माण, वित्तीय अनियमितता किया गया हैं अब सवाल हैं जिम्मेदार कौन, जिम्मेदार मौन l



