Home छत्तीसगढ़ प्रशासन की पहल से गाँव-गाँव तक पहुँच रही राहत

प्रशासन की पहल से गाँव-गाँव तक पहुँच रही राहत

0

राज्य शासन द्वारा आम नागरिकों की राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से संचालित राजस्व पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत बस्तर संभाग में प्रशासनिक गतिविधियों ने गति पकड़ ली है। इस पहल के माध्यम से प्रशासन सीधे गाँवों तक पहुँचकर लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित कर रहा है, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिल रही है।

इसी क्रम में बुधवार को बस्तर संभाग के कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने जगदलपुर तहसील के ग्राम आड़ावाल एवं नानगुर तहसील के ग्राम साड़गुड़ में आयोजित विशेष राजस्व शिविरों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों का संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकतम प्रकरणों का निराकरण शिविर स्थल पर ही सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

कमिश्नर श्री सिंह ने विशेष रूप से अविवादित नामांतरण एवं बंटवारा के लंबित प्रकरणों पर ध्यान केंद्रित करते हुए इनके समय-सीमा में निराकरण पर जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत बैठकों के माध्यम से ऐसे प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया जाए। साथ ही नक्शा बटांकन के कार्य को प्राथमिकता देते हुए इसे शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उन्होंने प्रत्येक भूमि स्वामी के खातों में आधार एवं मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए, जिससे किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आरबीसी 6-4 के अंतर्गत लंबित राहत प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा खसरा एवं बी-1 जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों का मौके पर ही वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शिविरों की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए कमिश्नर ने व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि शिविर आयोजन से पूर्व संबंधित क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिसमें कोटवारों के माध्यम से मुनादी, फ्लेक्स-बैनर एवं अन्य माध्यमों से सूचना का व्यापक प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अंतिम छोर का व्यक्ति भी इस पहल से लाभान्वित हो सके।

निरीक्षण के दौरान कमिश्नर श्री सिंह ने पंचायत पदाधिकारियों, पटेल-कोटवार एवं ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण, विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना तथा सचिव-पटवारी सहित मैदानी अमले की कार्यप्रणाली की जानकारी भी ली। राजस्व पखवाड़ा के माध्यम से प्रशासन की यह पहल न केवल राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि शासन और आम जनता के बीच संवाद एवं विश्वास को भी सुदृढ़ कर रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here