केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए लंबे समय से इंतजार की घड़ी खत्म होने वाली है. 8वीं वेतन आयोग की रिपोर्ट आने में अब ज्यादा देर नहीं बची है. इस बार सबसे बड़ा सवाल यही है कि फिटमेंट फैक्टर कितना तय होगा. अगर कर्मचारी यूनियनों की मांग के मुताबिक 3 से 4 के बीच का फिटमेंट फैक्टर लगता है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी लगभग तीन से चार गुना तक बढ़ सकती है. ये सिर्फ मामूली बढ़ोतरी नहीं, बल्कि एक बड़ी छलांग होगी.
फिटमेंट फैक्टर वह आंकड़ा होता है जिससे पुरानी बेसिक सैलरी को नई बेसिक सैलरी में बदला जाता है. इसका सीधा फॉर्मूला है. मौजूदा बेसिक सैलरी गुणे फिटमेंट फैक्टर = नई बेसिक सैलरी. 6वें पे कमीशन में यह आंकड़ा 1.86 था और 7वीं में 2.57. इस बार महंगाई और खर्चों में हुई भारी बढ़ोतरी को देखते हुए कर्मचारी संगठन 3.0 से 4.0 तक के फिटमेंट फैक्टर की जोरदार मांग कर रहे हैं. अगर सरकार इस दायरे में कोई आंकड़ा स्वीकार करती है, तो सैलरी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी.
कितनी बढ़ सकती है सैलरी? देखें अलग-अलग लेवल पर अनुमान
नीचे दिए गए आंकड़े 2.75 और 3.5 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर तैयार किए गए हैं. ये अनुमानित हैं, लेकिन इनसे साफ पता चलता है कि सैलरी में कितना बड़ा बदलाव आ सकता है.
| पे मैट्रिक्स लेवल |
मौजूदा बेसिक सैलरी |
2.75 फिटमेंट पर |
3.5 फिटमेंट पर |
| Level 1 |
₹18,000 |
₹49,500 |
₹63,000 |
| Level 2 |
₹19,900 |
₹54,725 |
₹69,650 |
| Level 3 |
₹21,700 |
₹59,675 |
₹75,950 |
| Level 4 |
₹25,500 |
₹70,125 |
₹89,250 |
| Level 5 |
₹29,200 |
₹80,300 |
₹1,02,200 |
| Level 6 |
₹35,400 |
₹97,350 |
₹1,23,900 |
| Level 7 |
₹44,900 |
₹1,23,475 |
₹1,57,150 |
| Level 10 |
₹56,100 |
₹1,54,275 |
₹1,96,350 |
| Level 13 |
₹1,23,100 |
₹3,38,525 |
₹4,30,850 |
| Level 18 |
₹2,50,000 |
₹6,87,500 |
₹8,75,000 |
सिर्फ बेसिक नहीं, पूरी सैलरी में इजाफा
याद रहे कि ये आंकड़े सिर्फ बेसिक सैलरी के हैं. नई बेसिक तय होने के बाद महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता और अन्य अलाउंस भी उसी अनुपात में बढ़ेंगे. नतीजा यह होगा कि कर्मचारियों के हाथ में आने वाली कुल सैलरी में और ज्यादा इजाफा दिखेगा. पेंशनरों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा क्योंकि उनकी पेंशन भी नई बेसिक के आधार पर तय होती है.
कब तक साफ होगी तस्वीर?
8वीं पे कमीशन का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था और इसे 18 महीने का समय दिया गया है. आयोग फिलहाल देशभर में कर्मचारियों, यूनियनों और हितधारकों से बातचीत कर रहा है. रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार अंतिम फैसला करेगी. पूरी प्रक्रिया में अभी कुछ महीने और लग सकते हैं.