अमेरिकी शेयर बाजार में मंगलवार को अच्छी तेजी देखने को मिली. निवेशकों को कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी से राहत मिली. इससे हाल की बाजार चिंताएं कुछ कम हुईं. हालांकि, आज 7 अक्टूबर को एशियाई बाजारों में अमेरिकी बाजार जैसी तेजी नहीं दिखी. जापान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार कमजोर रहे, जबकि ताइवान में बढ़त रही.
इस बीच, आज भारत के लिए शुरुआती संकेत भी कमजोर नजर आ रहे हैं. 7 अक्टूबर को गिफ्ट निफ्टी 51 अंक यानी 0.23% नीचे 22,743 के आसपास कारोबार करता नजर आया है. इससे घरेलू बाजार में कमजोर शुरुआत की आशंका है.
अमेरिकी बाजार में रिकॉर्ड तेजी
मंगलवार के कारोबार में अमेरिकी बाजार के प्रमुख इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए. Dow Jones में 253.14 अंक यानी 0.49% की तेजी आई. यह 51,521.04 के स्तर पर बंद हुआ. S&P 500 में 45 अंक यानी 0.58% की बढ़त दर्ज की गई और इंडेक्स 7,818.95 पर पहुंच गया. Nasdaq 122.48 अंक यानी 0.45% चढ़कर 27,599.79 पर बंद हुआ. बाजार में तेजी के पीछे कई वजहें रहीं. कच्चे तेल की कीमतों में फिलहाल स्थिरता रही. वहीं, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली. अब बाजार की नजर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर है.
वॉल स्ट्रीट की रिकॉर्ड तेजी का असर बुधवार को एशियाई बाजारों पर ज्यादा नहीं दिखा. MSCI Asia Pacific इक्विटी इंडेक्स 0.4% नीचे आया. यह बेंचमार्क अपने हाल के उच्च स्तर से करीब 2% नीचे है. जापान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजारों में गिरावट रही. दूसरी ओर, ताइवान के बाजार में कुछ मजबूती देखने को मिली.
गिफ्ट निफ्टी से कमजोर शुरुआत के संकेत
भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को लगातार दूसरे कारोबारी सेशन में बढ़त के साथ बंद हुआ. निफ्टी ने फिर से 22,700 का स्तर हासिल किया. सेंसेक्स में भी 600 अंक से ज्यादा की तेजी रही. कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 685.34 अंक यानी 0.95% बढ़कर 73,067.81 पर बंद हुआ. निफ्टी 220.35 अंक यानी 0.98% की बढ़त के साथ 22,776.10 पर रहा. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1% चढ़ा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5% की तेजी रही. हालांकि, बुधवार सुबह गिफ्ट निफ्टी कमजोर संकेत दे रहा है. यह 51 अंक यानी 0.23% नीचे 22,743 के आसपास था. ऐसे में घरेलू बाजार की शुरुआत पर दबाव देखने को मिल सकता है.
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में करीब 0.92% की बढ़त हुई. बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है. अमेरिका के तेल उत्पादन वाले इलाकों की ओर बढ़ रहे तूफान से सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है. इसके अलावा, यमन के ईरान समर्थित हूती समूह की सऊदी अरब पर कार्रवाई ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है. हालांकि, मध्य पूर्व से कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ने से इस दबाव को कुछ हद तक संतुलित किया जा रहा है.
ब्रेंट क्रूड 93 सेंट यानी 0.92% बढ़कर $101.51 प्रति बैरल पर पहुंच गया. वहीं, WTI crude 82 सेंट यानी 0.92% की तेजी के साथ $90.25 प्रति बैरल पर रहा. बुधवार को भारतीय बाजार के लिए संकेत मिले-जुले हैं. अमेरिकी बाजार रिकॉर्ड स्तर पर आ गया है, लेकिन एशियाई बाजारों में कमजोरी और गिफ्ट निफ्टी में गिरावट चिंता बढ़ा रही है. आज निवेशकों की नजर आरबीआई के एमपीसी बैठक के फैसलों पर भी रहेगी.



