सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए कक्षा 9वीं और 11वीं का रजिस्ट्रेशन बेहद अहम है. रजिस्ट्रेशन के दौरान की गई एक छोटी सी गलती भी आगे चलकर एडमिट कार्ड, मार्कशीट या पासिंग सर्टिफिकेट में परेशानी पैदा कर सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपने संबद्धित स्कूलों को छात्रों की जानकारी ध्यान से जांचने और तय समय के भीतर जमा करने के निर्देश दिए हैं. बोर्ड ने स्कूलों को 21 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन से जुड़ा डेटा जमा करने को कहा है. ऐसे में छात्रों, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन को इस काम में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए.
21 अक्टूबर तक जमा करना होगा रजिस्ट्रेशन डेटा
CBSE ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे कक्षा 9वीं और 11वीं के सभी छात्रों की रजिस्ट्रेशन डिटेल्स अच्छी तरह जांचने के बाद जमा करें. इन कक्षाओं में रजिस्ट्रेशन कराने वाले छात्र आगे चलकर बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में शामिल होंगे. इसलिए शुरुआत में ही उनकी सभी जानकारियां सही होना जरूरी है. स्कूलों को तय समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी, ताकि आगे परीक्षा से जुड़े काम में कोई परेशानी न आए.
रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरते समय कई बार छात्रों के नाम, माता-पिता के नाम, जन्म तिथि या विषयों की जानकारी में गलती हो जाती है. ऐसी गलतियों का पता परीक्षा के समय या रिजल्ट आने के बाद चलता है. इसके बाद रिकॉर्ड में सुधार कराने के लिए छात्रों और उनके अभिभावकों को काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है. इसलिए CBSE ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे डेटा जमा करने से पहले हर जानकारी की अच्छी तरह जांच करें.
स्कूलों को किन बातों का रखना होगा ध्यान?
स्कूल प्रशासन को छात्रों के नाम और जन्म तिथि का मिलान आधिकारिक रिकॉर्ड से करना होगा. माता-पिता के नाम की स्पेलिंग भी ध्यान से जांचनी होगी. इसके अलावा, छात्रों ने जिन विषयों को चुना है, उनके विषय कोड भी सही होने चाहिए. स्कूलों को रजिस्ट्रेशन का डेटा जमा करने से पहले सभी जानकारियों को दोबारा जांचने की सलाह दी गई है.
छात्र और अभिभावक भी रहें सतर्क
छात्रों और अभिभावकों को भी रजिस्ट्रेशन की जानकारी ध्यान से पढ़नी चाहिए. स्कूल की ओर से डिटेल जांचने के लिए दिए जाने पर नाम, जन्म तिथि और विषयों की जानकारी का मिलान करें. अगर कोई गलती नजर आती है, तो तुरंत स्कूल को बताएं, ताकि समय रहते उसे ठीक किया जा सके. अंतिम डेटा जमा होने के बाद बदलाव कराना मुश्किल हो सकता है. इसलिए 21 अक्टूबर की समय सीमा से पहले सभी जानकारियां सही कराना जरूरी है.



