यह फ्लैट इकबाल कासकर और अन्य आरोपियों से जुड़े कथित वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान अटैच किया गया था. ED ने 8 अप्रैल 2022 को प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत फ्लैट को अटैच किया था. बाद में 29 सितंबर 2022 को सक्षम प्राधिकरण ने इस अटैचमेंट की पुष्टि कर दी थी. इसके बाद 17 दिसंबर 2024 को ED ने PMLA की धारा 8(4) के तहत फ्लैट का कब्जा भी ले लिया था.
ED के मुताबिक, बाद में कुछ लोग कथित तौर पर इस फ्लैट में दाखिल हुए. आरोप है कि उन्होंने फ्लैट के लॉक के साथ छेड़छाड़ की और वहां लगा कब्जे से संबंधित नोटिस भी हटा दिया. इन लोगों ने संपत्ति पर अपना मालिकाना हक होने का दावा किया था. इस मामले की जानकारी मिलने के बाद ED ने निरीक्षण और पूछताछ की तथा संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाए. इस मामले को PMLA की विशेष अदालत के समक्ष भी रखा गया था. अदालत ने जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता से फ्लैट का कब्जा बहाल कराने का निर्देश दिया था.
ईडी ने संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों और गवाहों की मौजूदगी में फ्लैट का ताला बदलवाया और उसका कब्जा बहाल कराया. फ्लैट पर नया नोटिस भी लगाया गया है, जिसमें संबंधित लोगों को अपना दावा रखने के लिए ED कार्यालय या उस विशेष अदालत का रुख करने को कहा गया है, जहां मामले की सुनवाई चल रही है. ईडी के मुताबिक, संपत्ति में कथित अनधिकृत प्रवेश और हस्तक्षेप को लेकर 15 अक्टूबर 2026 को कासरवडवली पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 662/2026 दर्ज की गई है. यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 329(4) और 223 के तहत दर्ज की गई है.ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.



