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विदेशी बैंक, 1000 फर्जी कार्ड, 92cr कैश… रेड पड़ी तो US में बैठे डिलीट कर दिया पूरा सर्वर, CBI ने नहीं छोड़ा

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इंटरनेशनल मनी लॉन्ड्रिंग और गैर-कानूनी विदेशी फंडिंग का एक ऐसा चौंकाने वाला स्कैम सामने आया है, जिसने जांच एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं. भारत में अमेरिकी NGO द टिमोथी इनिशिएटिव से जुड़े इस केस में सीबीआई ने 27 अगस्त 2026 को दिल्ली के EO-II थाने में एक हाई-प्रोफाइल FIR दर्ज कर ली है. प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग, FCRA उल्लंघन और साइबर सबूत मिटाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत शुरू हुई इस जांच का जाल दिल्ली से लेकर कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और असम तक फैल चुका है.
संतोष कुमार के नाम से 1000 फर्जी डेबिट कार्ड का मायाजाल
इस पूरे स्कैम का सबसे सनसनीखेज पहलू इसका मोडस ऑपरेंडी है. देश के KYC नियमों और FCRA सुरक्षा घेरे को ठेंगा दिखाने के लिए अमेरिका के Truist Bank के कार्ड्स का इस्तेमाल किया गया. 18 अप्रैल 2026 को जब बेंगलुरु एयरपोर्ट पर मीका मार्क नाम के आरोपी को इंटरसेप्ट किया गया तो उसके पास से 24 विदेशी डेबिट कार्ड बरामद हुए. चौंकाने वाली बात यह थी कि इन सभी कार्ड्स पर किसी असली व्यक्ति की जगह सिर्फ संतोष कुमार नाम छपा था, ताकि असली यूजर की पहचान पूरी तरह छिप सके. जांच में दावा किया गया है कि देश भर में ऐसे 1000 से ज्यादा फर्जी कार्ड बांटे गए, जिनसे सीधे ATM से कैश निकाला जा रहा था.
92.55 करोड़ की इललीगल फंडिंग और 37 लाख का कैश सीजर
दस्तावेजों के मुताबिक, नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब $99.95 लाख (92.55 करोड़) की विदेशी रकम बिना किसी FCRA रजिस्ट्रेशन या तय बैंक खाते के भारत में खपाई गई. ED ने जब TTI के फाइनेंस हेड अजीत वर्गीज मथाई के बेंगलुरु ठिकाने पर रेड मारी, तो वहां से ₹37 लाख कैश (मुख्य रूप से ₹500 के नोट) और कई डिजिटल डिवाइस बरामद हुए. यह सारा कैश विदेशी डेबिट कार्ड्स के जरिए एटीएम से निकालकर देश भर में संदिग्ध गतिविधियों के लिए बांटा जा रहा था.
रेड पड़ते ही अमेरिका से उड़ाया डेटा, सर्वर और लैपटॉप Wipe out!
जांच एजेंसियां जब सबूत जुटा रही थीं, तब आरोपियों ने अमेरिका स्थित अपने मास्टरमाइंड्स के साथ मिलकर डिजिटल सबूतों को मिटाने की चाल चली. 18 अप्रैल को रेड के दौरान, शुरुआती घंटों में चल रहे बिल.कॉम (Bill.com) और क्विकबुक्स (QuickBooks) जैसे अकाउंट्स का इंडिया एक्सेस ब्लॉक कर दिया गया और एक ऑफिशियल लैपटॉप को रिमोटली पूरी तरह wipe कर दिया गया.
CBI की रडार पर मास्टरमाइंड और फील्ड नेटवर्क
सीबीआई की FIR में TTI इंडिया के ऑपरेशनल हेड जोनाथन एस. राजन, फाइनेंस हेड अजीत वर्गीज मथाई, मीका मार्क और फील्ड वर्कर वर्गीज चाको, सुप्रीम जॉय व बबलू कुर्मी को नामजद आरोपी बनाया गया है. अब सीबीआई इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस फर्जी कार्ड नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं.