दूसरे स्थान पर श्रीलंका के बाएं हाथ के अनुभवी गेंदबाज चमिंडा वास (Chaminda Vaas) हैं. 1994 से 2008 के बीच श्रीलंका और एशियाई एकादश के लिए खेलते हुए वास ने 322 मैचों में गेंदबाजी की. वास अपनी सटीक लाइन और लेंथ के लिए जाने जाते थे, लेकिन 15,000 से ज्यादा गेंदें फेंकने के दौरान उन्होंने कुल 11,014 रन लुटाए. वास के करियर की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि रन देने के बावजूद उनका इकोनॉमी रेट 4.18 ही रहा, जो आज के दौर के हिसाब से बेहद किफायती है. उन्होंने वनडे में 400 विकेट चटकाए, जिसमें 8 रन देकर 8 विकेट लेने का वह ऐतिहासिक प्रदर्शन भी शामिल है जो आज भी वनडे इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.
पाकिस्तान की रिवर्स स्विंग जोड़ी के दूसरे स्तंभ वकार यूनिस (Waqar Younis) इस सूची में तीसरे नंबर पर हैं. 1989 से 2003 के दौरान 262 वनडे मैचों में मैदान पर उतरे वकार का अंदाज हमेशा आक्रामक रहा. वह रन बचाने के बजाय विकेट चटकाने पर ध्यान देते थे. इसी आक्रामक शैली के कारण 12,698 गेंदें फेंकते हुए उन्होंने 9,919 रन खर्च किए. वकार का इकोनॉमी रेट 4.68 रहा, जो उनके दौर के हिसाब से थोड़ा महंगा जरूर था, लेकिन 416 विकेट और 13 बार एक पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड यह साबित करता है कि रन खर्च करने के बदले उन्होंने टीम को हमेशा मैच जिताऊ सफलताएं दिलाईं.
चौथे स्थान पर श्रीलंका के लसिथ मलिंगा (Lasith Malinga) का नाम आता है, जिनकी गेंदबाजी शैली ने वनडे क्रिकेट का रुख ही बदल दिया. 2004 से 2019 के बीच 226 मैच खेलने वाले मलिंगा ने अपने स्लिंगी एक्शन और सटीक यॉर्कर से बल्लेबाजों को हमेशा छकाया. हालांकि, अंतिम ओवरों यानी डेथ ओवरों में लगातार गेंदबाजी करने के कारण मलिंगा पर बल्लेबाजों ने खूब रन भी बटोरे. मलिंगा ने अपने वनडे सफर में कुल 9,760 रन दिए और उनका इकोनॉमी रेट 5.35 रहा, जो इस सूची के बाकी गेंदबाजों से ज्यादा है. इसके बावजूद मलिंगा ने 338 विकेट झटके और 8 बार पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा किया.



